शनिवार, अगस्त 05, 2017

अफवाह उड़ाओ तो ऐसी कि पकड़ न आये

अपने दिल की किसी हसरत का पता देते हैं
मेरे बारे में जो अफवाह उड़ा देते हैं...
कृष्ण बिहारी नूर को यह शेर कहते सुनता हूँ, तो मन में ख्याल आता है कि अफवाह वह अनोखा सच है जो तब तक सच रहता है जब तक झूठ न साबित हो जाये. जब से यह विचार मन में आया है तब से एकाएक दार्शनिक सा हो जाने की सी फीलिंग आने लग गई है. लगता है कि हम कोई बाबा से हो गये हैं और खूब सारी जनता हमें बैठ कर सुन रही है. अब जनता तो कहाँ से लाते तो लिख दे रहे हैं यह मानते हुए कि खूब सारे लोग पढ़ेंगे और हमारे कहे का लोहा मानेंगे.
बस यही सुनने वाले जब कहने वाले की बात का लोहा मानने लगते हैं तो वो कहने वाला ऐसी अफवाह उड़ाने की मान्यता प्राप्त कर लेता है जो इतनी दूर तक फैल जाती है कि उसको समेटते समेटते ही इतना वक्त लग जाता है कि उसके झूठ साबित होने का जब तक समय आये, तब तक दो और नई अफवाहें हवा में तैरने लगती हैं. ऐसा ही लोहा मनवा कर मीडिया और नेता दोनों अपना उल्लु सीधा करने के लिए नित नई अफवाह उड़ा देते हैं और आमजन उसी में उलझे अपनी जिन्दगी बसर करता रहता हैं. पता ही नहीं चल पाता कि क्या सच है और क्या झूठ है?
वैसे एक अचूक तरीका, जनहित में बताता चलूँ..जैसे बाबा लोग सलाह देते हैं वैसा ही..जब कभी आपको यह जानना हो कि बात अफवाह है या सच तो बस इतना ख्याल रखें..जो उड़ रही हो वो अफवाह और जो अपरिवर्तित थमा हो वह सत्य..कहते हैं न कि अफवाह उड़ा दी है और यह भी कि सत्य अटल है. हमें हिंट ही तो देना था बाकी तो आप ज्ञानी हैं ही अतः इस हिंट के आधार पर भेद कर ही लेंगे...जब हिंट के आधार पर जीवन जीने की कला सीख लेते है श्री श्री से आर्ट ऑफ लिविंग में तो यह तो कुछ भी नहीं.
कई बार तो क्या, अक्सर पता भी होता है कि बात झूठ है मगर जैसा कहा गया है एक ही झूठ को बार बार बोला जाये और जोर जोर से बोला जाये तो वह सच लगने लगता है. उसी का सब फायदा उठाये चले जा रहे हैं.
कुछ इसी तरह के उदाहरण देखता हूं जैसे कि एक अफवाह है कि नोट बन्दी से सारे भारत की जनता खुश है..देखिये सब हमको ही वोट दिये जा रहे हैं और कह रहे हैं कि आपने ठीक किया. अब इसमें सच क्या तलाशें? वाकई वोट दिया लोगों ने कि इवीएम वाली अफवाह सच है..या नोटबन्दी से जनता खुश है और सारा काला धन वापस आ गया और वो भी इत्ता सारा कि ९ महिने गुजरने को हैं और अभी तक नोटों की गिनती चलती ही जा रही है. इसमें नोट गिनने की मशीनों से लेकर ब्रान्च से मुख्य बैंक तक रकम भेजे जाने की एकाउन्टिंग पर प्रश्न चिन्ह लगने के बावजूद... इस अफवाह पर मुहर लगाने वाला भी सबसे बड़े बैंक का प्रमुख ही है..अगर वही अफवाह उड़ायेगा तो सच कौन बतलायेगा की तर्ज पर इस अफवाह को भी झूठ साबित करने का मन ही नहीं करता.
अब एक अफवाह हाल में यूं उड़ रही कि कोई चोटीकटवा है जो महिलाओं की चोटी काट कर ले जाता है.अव्वल तो अब पुरुष चोटी रखते नहीं तो चोटीकटवा की मजबूरी है कि महिलाओं की चोटी काटे..अतः इसे महिलाओं पर हमला नहीं मानना चाहिये..कि उन्हें कमजोर समझा गया...यह मात्र चोटी पर हमला है..उस पर से महिलायें भी ज्यादती करती हैं....शहर में अक्सर चोटी रखने से गुरेज करने लगी हैं तो बिहार के गाँवों की महिलाओं पर चोटीकटवा का कहर जायज ही है..जहाँ चोटी मिलेगी वहीं न जायेगा..इसमें दलित महिलाओं पर हमले वाली बात कहाँ से आ गई? हालांकि वो चोटी काट क्यूँ रहा है..इससे किसी को कुछ लेना देना दिख नहीं रहा है..बस, आज यहाँ कहर..कल वहाँ कहर ..दलित महिला पर कहर पर बहस जारी है!!
खैर..बहुत हल्ला हो लिया इस अफवाह का भी..कल परसों तो कोई नई अफवाह लाना प़ड़ेगी वरना यह झूठ न साबित हो जाये...
अफवाह का विलुप्त हो जाना ही उसकी खूबी है..जो अफवाह झूठ साबित हो जाये वो अफवाह उड़ाने वाले की नाकामी है...न कि अफवाह की.
पहले अपने अंदर वो काबिलियत पैदा करो कि अफवाह उड़ाओ तो ऐसी उड़े कि पकड़ न आये वरना कृप्या इस खेल से बाहर रहो...
इतना तो होश रखो...कि कहीं तुम्हारे कारण अफवाह अपनी उड़ान न रोक दे किसी रोज!!

-समीर लाल समीर
भोपाल से प्रकाशित सुबह सवेरे के रविवार ६ अगस्त के अंक में:
http://epaper.subahsavere.news/c/21130031

#Jugalbandi
#जुगलबंदी
#व्यंग्य_की_जुगलबंदी
#हिन्दी_ब्लॉगिंग
Indli - Hindi News, Blogs, Links

3 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (07-08-2017) को "निश्छल पावन प्यार" (चर्चा अंक 2698 पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
बाई-बहन के पावन प्रेम के प्रतीक हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

PRAN SHARMA ने कहा…

BEHTREEN .

Anusha Mishra ने कहा…

प्रिय ब्लॉगर,
हिंदी ब्लॉगर्स को अपना समर्थन देने के लिए गाँव कनेक्शन एक छोटा सा प्रयास करने जा रहा है। उम्मीद है आप इससे जुड़ना चाहेंगे।
हमारा मानना है कि दुःख, अवसाद और आपसी द्वेष फैलाती ख़बरों के इस युग में किताबों और लेखकों का काम नासमझों को समझ का मरहम लगाने का है और इसके लिए मंच कम नहीं, ज़्यादा होने चाहिए।
हम रोज़ अपने वेब्सायट में (हर महीने जिस पर अट्ठाईस लाख पेज व्यूज़ आ रहे हैं) एक कॉलम और गाँव कनेक्शन दैनिक अख़बार में रोज़ एक पूरा पन्ना ब्लॉग और सोशल मीडिया को समर्पित करेंगे। इसमें हम आपके ब्लॉग, जिसमें आप किसी सामाजिक व राष्ट्रीय मुद्दे या गांव से जुड़े मुद्दों या कोई नई जानकारी को प्रकाशित करना चाहेंगे। इस तरह हम आप लेखकों का लिखा रोज़ लाखों नए पाठकों तक पहुँचा पाएँगे।
हम आपके लेख के साथ ब्लॉग का लिंक जोड़ेंगे इससे आपके ब्लॉग के पाठकों में भी इजाफा हो सकेगा।

हमारी दो सदस्यीय टीम बना दी गयी है। अगर आप हफ़्ते दर हफ़्ते इस प्रयास का हिस्सा बनना चाहें तो:
अनुशा मिश्रा 8393-000032
शेफाली श्रीवास्तव 96504 77925
से फ़ोन पर या featuresdesk@gaonconnection.com पर सम्पर्क कर सकते हैं।
छपने के लिए अंश ईमेल के माध्यम से भेजें और कोई सुझाव हो तो पूरे अधिकार से बताएँ।
सादर